महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2026–27 का बजट पेश करते हुए साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले कुछ सालों में राज्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई‑गवर्नेंस के इर्द‑गिर्द घूमने वाला है। बजट भाषण में उन्होंने दो बड़ी घोषणाएँ कीं – पहला, एक विशेष Geo‑Technology Application Centre की स्थापना, और दूसरा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अलग स्वतंत्र विभाग का गठन।
सरकार का दावा है कि ये कदम केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि “विकसित महाराष्ट्र 2047” के विज़न की दिशा में बुनियादी बदलाव हैं, जो शासन, उद्योग और आम नागरिक के जीवन पर सीधा असर डालेंगे।
Geo‑Technology Application Centre – ज़मीन से लेकर आपदा प्रबंधन तक
बजट में घोषित Maharashtra Geotechnology Application Centre को ऐसा संस्थान बताया गया है जो उपग्रह चित्रों, GIS (Geographic Information System), remote sensing और अन्य geo‑spatial तकनीकों की मदद से राज्य की योजनाओं की बेहतर प्लानिंग और मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस Geo‑Tech Centre का उपयोग राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं और राज्य के आर्थिक विकास, दोनों के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जमीन से जुड़े सारे डेटा – जैसे भूमि अभिलेख, खेती, शहरी विकास, जंगल और जल संसाधन – को डिजिटल रूप से सटीक मैपिंग के साथ जोड़ा जाए।
इससे कई व्यावहारिक फायदे हो सकते हैं:
- भूमि लेन‑देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध कब्ज़ों पर निगरानी आसान होगी।
- सड़क, सिंचाई, बिजली और शहरों के विस्तार की योजना वैज्ञानिक तरीके से बनाई जा सकेगी।
- बाढ़, भूस्खलन या सूखे जैसी आपदाओं के लिए ज़्यादा बेहतर तैयारी और early warning सिस्टम तैयार किए जा सकेंगे।
राजनीतिक रूप से देखें तो Geo‑Technology Application Centre सरकार को यह कहने का मौका देगा कि वह “डेटा के आधार पर निर्णय” ले रही है, न कि केवल राजनीतिक दबाव या अनुमान के आधार पर।
नया Electronics–IT–AI विभाग – डिजिटल महाराष्ट्र की रीढ़
बजट भाषण की दूसरी बड़ी घोषणा थी – Electronics, Information Technology और Artificial Intelligence के लिए स्वतंत्र विभाग (Department of Electronics, IT and AI) बनाना। अब तक ये क्षेत्र अलग‑अलग मंत्रालयों और विभागों में बिखरे हुए थे, जिससे नीति‑निर्माण और फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी होती थी।
नए विभाग के तहत:
- राज्य की पूरी डिजिटल पॉलिसी, e‑governance, IT पार्क, स्टार्टअप इकोसिस्टम और AI‑based परियोजनाएँ एक centralized ढांचे से संचालित होंगी।
- विभाग के साथ एक समर्पित “Commissionerate” भी बनाया जाएगा, जिसमें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित अधिकारी और विशेषज्ञ काम करेंगे।
- लक्ष्य है कि सरकारी फाइलों को लगभग पूरी तरह paperless बनाया जाए और “fully electronic office system” लागू किया जाए।
फडणवीस ने बजट में यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी citizen और business services को 100% डिजिटल करने की दिशा में काम करेगी, ताकि नागरिकों को अधिक पारदर्शी, तेज और accountable शासन मिल सके।
OpenAI, Sarvam AI और IIT Bombay से समझौते
महाराष्ट्र सरकार ने IT और AI इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए कई बड़े संस्थानों के साथ समझौते करने की जानकारी भी दी। OpenAI, Sarvam AI जैसे global और national AI प्लेटफॉर्म्स के साथ letters of intent पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे राज्य में AI आधारित समाधान, शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा IIT Bombay और BharatGen जैसी संस्थाओं के साथ MoU किए गए हैं, ताकि emerging technologies – जैसे AI, quantum computing, drones, autonomous vehicles और deep tech – में research और innovation को बढ़ाया जा सके। सरकार का कहना है कि वह विशेष नीतियाँ लाकर महाराष्ट्र को इन frontier technologies का global hub बनाना चाहती है।
साइबर सुरक्षा और “Viksit Maharashtra 2047” की दिशा
बजट में एक cyber security policy की भी घोषणा की गई, जो “Viksit Maharashtra 2047” के विज़न के अनुरूप तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य होगा कि जैसे‑जैसे राज्य अपनी ज़्यादातर सेवाओं को डिजिटल बना रहा है, वैसे‑वैसे critical infrastructure, सरकारी data और नागरिकों की निजी जानकारी सुरक्षित भी रहे।
नई नीति के तहत cyber‑attack से बचाव, incident response, data privacy और awareness पर ज़्यादा निवेश किया जाएगा। राजनीतिक रूप से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सरकार “डिजिटल इंडिया” के बड़े narrative के साथ कदम मिलाकर चल रही है और खुद को एक “future‑ready” राज्य के रूप में पेश करना चाहती है।
विरोध और चुनौतियाँ – घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर कितना उतरेगा?
जैसा हर बड़े बजट के बाद होता है, विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं कि पिछले बजटों में घोषित कई digital projects अभी अधूरे हैं, ऐसे में नए घोषणाओं का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब implementation तेज और पारदर्शी हो। विशेषज्ञ भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि:
- सरकारी कर्मचारियों को नई digital systems पर प्रशिक्षित करना,
- rural क्षेत्रों में high‑speed internet और devices की उपलब्धता,
- और छोटे व्यवसायों को digital प्लेटफॉर्म्स पर लाना – ये सब उतना ही ज़रूरी है जितना बड़े‑बड़े centres और policies बनाना।
फिलहाल, Maharashtra Budget 2026–27 ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में राज्य की राजनीति में “डिजिटल” एक प्रमुख मुद्दा रहेगा – चाहे बात हो शासन की, रोजगार की या औद्योगिक विकास की।